Nov 5, 2011

तू किसी काम का नहीं है … !”



संता ने स्कूल से लौट रहे अपने बेटे को रास्ते में ही पकड़ा और दो थप्पड़ जमा दिए. फिर उस पर चिल्लाने लगा – "नालायक! बेवकूफ! तू किसी काम का नहीं है … !"
वहाँ से गुजर रहे एक राहगीर ने यह सब देखा तो पूछ लिया – "भाई, इस तरह बच्चे पर क्यों बिगड रहे हो ?"

संता ने जवाब दिया – "कल इसका रिजल्ट आने वाला है और मैं आज ही एक हफ्ते के लिए शहर से बाहर जा रहा हूँ !"

“माँ, भैया ऑफिस से आ गए … !”



सास (बहू से) – "बेटी, आज से तुम मुझे अपनी माँ और अपने ससुर को पिता ही समझना."

तभी दरवाजे की घंटी बजी. बहू ने दरवाजा खोला तो देखा कि उसका पति आया है.

सास – "कौन आया है बेटी ?"

बहू – "माँ, भैया ऑफिस से आ गए … !"

अब संभव नहीं है पिताजी



पिता - एक ज़माना था जब मैं सिर्फ 10 रुपए में ही किराना, दूध, सब्जी और नाश्ता लेकर आता था.

पुत्र - अब संभव नहीं है पिताजी क्योंकि अब वहाँ सीसीटीवी कैमरा लगा होता है …. !

इतना क्यों हंस रहे हो ?



जुड़वां बच्चे अपने कमरे में बैठे थे.

एक हंस-हंस के लोटपोट हो रहा था जबकि दूसरा उदास था.

बाप - इतना क्यों हंस रहे हो ?

बच्चा - मम्मी ने दोनों बार इसी को नहला दिया … !

शर्म की बात


संता- तेरे पापा डॉक्टर हे और तू बीमार हो गया, शर्म की बात है.

बंता- शर्म की बात तो ये है कि तेरे पापा केमिस्ट हैं और कंडोम बेचते हैं, तू फिर भी पैदा हो गया …. !!!

मेरी आँख में दर्द होता है.


मरीज - डॉक्टर साहब, जब मैं चाय पीता हूँ, मेरी आँख में दर्द होता है.

डॉक्टर - कल से चाय पीते समय कप में से चम्मच निकाल लिया करो … !